
Supreme Court News: प्याज-लहसुन पर याचिका खारिज
Supreme Court News: देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India में प्याज और लहसुन को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) चर्चा का विषय बन गई।
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एक वकील ने अदालत में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि यह पता लगाने के लिए रिसर्च कराई जाए कि प्याज और लहसुन में तामसिक या नकारात्मक ऊर्जा होती है या नहीं।
इस याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे खारिज कर दिया।
Supreme Court News : CJI ने याचिकाकर्ता को लगाई फटकार
इस मामले की सुनवाई Justice Surya Kant और Justice Joymalya Bagchi की बेंच ने की।
सुनवाई के दौरान CJI ने याचिकाकर्ता वकील Sachin Gupta से पूछा—
“क्या आप ये पिटीशन आधी रात को ड्राफ्ट करते हैं?”
अदालत ने कहा कि यह याचिका स्पष्ट नहीं है और इसका कोई ठोस आधार भी नहीं है।
पांचों PIL को बताया फालतू और बेबुनियाद
सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट द्वारा दायर पांचों जनहित याचिकाओं को एक साथ खारिज कर दिया।
बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह याचिकाएं
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अस्पष्ट
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बेबुनियाद
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और अदालत का समय बर्बाद करने वाली हैं।
अदालत ने इसे कैजुअल ड्राफ्टिंग का उदाहरण भी बताया।
जैन समुदाय का भी किया गया था जिक्र
प्याज और लहसुन से जुड़ी याचिका में Jain community के खान-पान का जिक्र किया गया था।
जैन समुदाय पारंपरिक रूप से प्याज, लहसुन और जड़ वाली सब्जियों को तामसिक भोजन मानते हुए उनका सेवन नहीं करता।
इस पर CJI ने याचिकाकर्ता से पूछा—
“क्या आप जैन समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना चाहते हैं?”
कोर्ट ने जुर्माना लगाने की दी चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कड़ी चेतावनी भी दी।
बेंच ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता वकील नहीं होते तो अदालत इस तरह की याचिका पर भारी जुर्माना लगा सकती थी। Supreme Court News
अदालत ने आगे कहा कि भविष्य में अगर ऐसी बेबुनियाद याचिका दायर की गई तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा। Supreme Court News
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एडवोकेट द्वारा दायर अन्य याचिकाएं
एडवोकेट सचिन गुप्ता ने अदालत में कुल पांच PIL दायर की थीं, जिनमें से सभी को खारिज कर दिया गया। Supreme Court News
इनमें शामिल थीं—
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शराब और तंबाकू उत्पादों में नुकसानदायक कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए निर्देश देने की मांग
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संपत्ति के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश
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क्लासिकल भाषाओं की घोषणा के लिए गाइडलाइन बनाने की मांग
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प्याज और लहसुन को तामसिक मानने पर रिसर्च कराने की मांग
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अन्य प्रशासनिक निर्देशों से जुड़ी याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।
PIL क्या होती है
PIL (Public Interest Litigation) यानी जनहित याचिका वह कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक हित से जुड़े मुद्दों को अदालत के सामने उठा सकता है।
भारत में PIL का उपयोग कई महत्वपूर्ण सामाजिक और कानूनी सुधारों के लिए किया गया है।
हालांकि अदालत ने कहा कि इस तरह की बेबुनियाद याचिकाएं न्यायालय के समय और संसाधनों पर बोझ डालती हैं।
सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट:
https://www.sci.gov.in
FAQ
सुप्रीम कोर्ट में किस मुद्दे पर PIL दायर की गई थी?
प्याज और लहसुन में तामसिक या नकारात्मक ऊर्जा होने पर रिसर्च कराने की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर क्या फैसला दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने इसे बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया।
इस मामले की सुनवाई किस बेंच ने की?
CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई की।
अदालत ने याचिकाकर्ता को क्या चेतावनी दी?
अदालत ने कहा कि भविष्य में ऐसी याचिका दायर करने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।


