जिला रोहतक का दर्शन / वर्णन

District wise Description of Haryana State – District Rohtak / हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला रोहतक

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जिला रोहतक का दर्शन / वर्णन
  • स्थापना – 1 नवंबर, 1966
  • अन्य नाम – एजुकेशन सिटी, मशीनों का शहर, राजनीतिक राजधनी (प्राचीन नाम रोहितक, रोहतासगढ़)
  • नामकरण – 14वीं शताब्दी में यह नगर पँवार राजा रोहिताश ने बसाया था। उसके नाम पर इस शहर का नाम रोहतक रखा गया।
  • मुख्यालय – रोहतक
  • उपमंडल – रोहतक, सांपला, महम
  • तहसील – रोहतक, सांपला, कलानौर, महम
  • उप तहसील – लाखन माजरा
  • खंड – कलानौर, लाखनमाजरा, महम, रोहतक, सांपला
  • क्षेत्रफल – 1745 वर्ग किलोमीटर
  • लिंगानुपात – 924/1000 (2019 के अनुसार)
  • साक्षरता दर – 80.22 प्रतिशत
  • जिले में घनत्व – 607 (वर्ग किलोमीटर)
  • लोकसभा क्षेत्र – रोहतक
  • विधानसभा क्षेत्र – रोहतक, सांपला, किलोई, महम, कलानौर
  • 1857 की क्रांति के नेता – विरासत अली (किसान), साबिर खान (किसान) हसन अली
  • नेशनल हाईवे – 9, 709, 352

प्रसिद्ध स्थल

  1. जिलास्तरीय युद्ध स्मारक – यह संस्थान मानसरोवर पार्क रोहतक में स्थित है। इस संस्थान में स्मारक पर पूरे जिले के शहीदों के नाम संगमरमर की शिलाओं पर खुदाई करके अंकित किए हुए हैं।
  2. राज्य स्तरीय युद्ध स्मारक – यह स्मारक महखष दयानंद विश्वविद्यालय के प्रांगण में प्रथम द्वार के निकट है। यह स्मारक 2004 में बना था। इसमें एक मॉन्यूमेंट, एक हॉल ऑफ फेम और पुस्तकालय स्थित है।
  3. आकाशवाणी केन्द्र – रोहतक जिले का पहला और हरियाणा राज्य का पहला आकाशवाणी केन्द्र 8 मई, 1976 को स्थापित किया गया था। जहाँ से हरियाणा की संस्कृति व विकास से संबंधित कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं।
  4. तिलियार पर्यटक क्षेत्र – नगर से 5 किलोमीटर दूर पूर्व की दिशा में अस्थल बोहर मठ के समीप 123 एकड़ में फैला तिलियार पर्यटक क्षेत्र मुख्य आकर्षण का केन्द्र है।
  5. लाल मस्जिद – लाल मस्जिद मनोहर एक बहुत पुरानी मस्जिद है। भिवानी स्टैंड पर स्थित इस मस्जिद को सन् 1939 में नगर के एक प्रसिद्ध व्यापारी हाजी अली ने बनवाया था।
  6. दीनी मस्जिद – दीनी मस्जिद एक ऐतिहासिक मस्जिद है। सुल्तान अलाउद्दीन के काल में मंदिर को मस्जिद का रूप दिया गया था। 1947 के बाद इसको फिर से मंदिर का रूप दिया गया।
  7. महम की बावड़ी – महम (रोहतक) में स्थित इस बावड़ी को महम की शान समझा जाता है। यह जल संचय करने की एक अच्छी बावड़ी है। इस प्राचीन बाबड़ी का निर्माण 1656 में शाहजहाँ के शासनकाल में शुद्धोकलाल करवाया था। ‘महम की बावड़ी’ को ‘शाहजहाँ की बावड़ी’ भी कहा जाता है।
  8. अस्थल बोहर मठ – इसकी स्थापना 18वीं शताब्दी में तेजस्वी महासिद्ध श्री चौरंगीनाथ ने की थी। इसकी नींव ढाई सौ वर्ष पूर्व सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ ने रखी थी।
  9. गुरुद्वारा लाखन माजरा – लाखन माजरा रोहतक से 20 किलोमीटर दूर रोहतकदृजींद रोड पर बना हुआ है। सिक्खों के नौवें पातशाह गुरु तेग बहादुर आनंदपुर साहिब से दिल्ली जाते समय यहाँ 13 दिन तक ठहरे थे।
  10. गऊ कर्ण तालाब – गऊ कर्ण महाराज के नाम से ही यह स्थान प्रसिद्ध हुआ है।
  11. नौरंग पर्यटक स्थल – महम में महम चौबीसी चबूतरा स्थित है, जहाँ पर 24 गाँव के किसी भी कार्य का फैसला किया जाता है। इसी के साथ नौरंग नामक पर्यटक स्थल है, जो पर्यटन विभाग द्वारा बनाया गया है।
  12. काजी की मस्जिद – रोहतक से 22 किलोमीटर दूर यह प्राचीन मस्जिद है। इस मस्जिद की मीनारें 60 फुट है। यह मस्जिद सफेद पत्थरों से बनाई हुई है।
  13. हिरण उद्यान महम (रोहतक) एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है।
  14. ज्ञानी चोर/तुगलक की गुफा महम में है।
  15. दुर्वासा ऋषि की कुटिया (दूबलधन, रोहतक) में है।
  16. हरियाणा का सबसे छोटा चिड़ियाघर तीलीमार मिनी जू (1976) रोहतक में है।
  17. शीशे वाली मस्जिद
  18. मैना रिसोर्ट
  19. शीतला माता मंदिर
  20. बेरी का रूढ़ महल, 1892 में बना रूढ़महल मंदिर, प्रसिद्ध हैं।
  21. चोर गुम्बद रोहतक में है।

प्रसिद्ध मेले

  • बाबा मस्तनाथ का मेला (अस्थल बोहर)
  • बाबा श्याम जी का मेला (लाखन माजरा)
  • बाबा जगन्नाथ का मेला (भलोट गाँव)

प्रमुख उद्योग

  • एशियन पेंट उद्योग
  • होजरी उद्योग
  • गन्ना मिल
  • चमड़ा उद्योग
  • बिजली के करघे पर बुनाई उद्योग

प्रमुख शिक्षण संस्थान

  • 1914 में स्थापित ‘जाट – एंग्लो इंडिया सोसाइटी’ को 1977 में ‘जाट कॉलेज’ में बदल दिया गया।
  • पंडित नेकीराम शर्मा 1926 – 27 में हरियाणा का पहला कॉलेज बना था।
  • ‘सर छोटूराम साइंस एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय’।
  • PGIMS की स्थापना 1960 में, 2008 में इसे विश्वविद्यालय बना दिया गया।
  • महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, 1976 में स्थापना।
  • इंडिया इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट, 2009 में स्थापना।
  • बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, अस्थल बोहर, 2012 में स्थापना।
  • 16 जनवरी, 2017 को राष्ट्रीय मुक्केबाजी अकादमी की स्थापना।
  • राज्य फिल्म एंड टेक्नोलॉजी संस्थान 2011 में बना।
  • राज्य फैशन डिजाइन संस्थान 2011 में बना।
  • राज्य शहरी विकास और वास्तुकला संस्थान 2012 में बना।
  • राज्य फाइन आर्ट संस्थान 2014 में बना।
    उपरोक्त इन 4 संस्थानों को मिलाकर ही ‘राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय’ की स्थापना 2014 में की गई।
  • पंडित भगवत दयाल मेडिकल विश्वविद्यालय – 1964 में इस विश्वविद्यालय की स्थापना कॉलेज के रूप में हुई। बाद में इसको विश्वविद्यालय बनाया गया।

प्राचीन स्थल

  • रोहतक को कुषाणकालीन मूखतयों का केन्द्र माना जाता है।
  • हरियाणा में इंडो – ग्रीक सिक्के खोखराकोट, रोहतक से प्राप्त किए थे।

प्रसिद्ध व्यक्तित्व

  • रणबीर सिंह हुड्डा – 1941 में सत्याग्रह आंदोलन में भाग लेने के कारण गिरफ्तार हुए थे। 3 साल तक विधानसभा सदस्य रहे थे। स्वाधीनता संग्राम सेनानी संगठन के अध्यक्ष रहे थे। ‘हिंदी हरियाणा’ नामक साप्ताहिक पत्रिका का संपादन किया था।
  • भूपेंद्र सिंह हुड्डा – दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। चार बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। 5 मार्च, 2005 से 28 अक्टूबर, 2009 तक दो बार लगातार मुख्यमंत्री रहे थे। ‘भूमि पुत्र’ के नाम से मशहूर।
  • ममता खरब – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन्होंने हॉकी खिलाड़ी के रूप में कई पदक जीते थे। 2002 में मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ में हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने के बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें ‘गोल्डन गर्ल’ की उपाधि दी थी। ‘भीम अवार्ड’, ‘अर्जुन अवार्ड’ से सम्मानित। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान थी। 2006 में मेलबर्न में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक प्राप्त किया था।
  • पहलवान अशोक कुमार गर्ग – 1993 में ‘अर्जुन अवार्ड’ से सम्मानित। 1990 में हरियाणा सरकार ने ‘राज्य खेल पुरस्कार’ से नवाजा। इन्हें ‘सितारा-ए-हिंद’, ‘सितारा-ए-पंजाब’ के नाम से भी नवाजा गया।
  • स्वामी इंद्रवेश – सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध समाज सुधारक के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया है।
  • जे.पी. कौशिक – ‘चंद्रावल’ हरियाणवी की प्रसिद्ध फिल्म में संगीत दिया था। अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ में संगीत निर्देशक रहे हैं।
  • साक्षी मलिक – मोखरा गाँव से संबंध। रियो ओलंपिक 2016 में रेसलिंग में 58 किलोग्राम में कांस्य पदक जीता। हरियाणा प्रदेश में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर।
  • सर छोटूराम जाट – 1916 में ‘जाट गजट’ नामक अखबार निकाली। मोरों के शिकार पर प्रतिबंध् लगवाने में सफल हुए। 1931 में इन्हें ‘सर’ की उपाधि दी गई। भाखड़ा बांध के जन्मदाता व वास्तुकार। गढ़ी सांपला में सर छोटूराम का जन्म हुआ। किसानों के मसीहा।
  • रणदीप हुड्डा – अभिनेता
  • पूजा बत्रा – अभिनेत्री
  • पंडित नेकीराम शर्मा – (केलाना) ‘हरियाणा केसरी’ के नाम से प्रसिद्ध।
  • सुभाष घई, अशोक घई – फिल्म निर्माता
  • सैयद गुलाम हुसैन शाह – साहित्यकार
  • जगबीर राठी – साहित्यकार
  • जसविंदर नरूला – अभिनेता
  • अश्विनी चौधरी – निर्माता – निर्देशक
  • अरविंद स्वामी – निर्माता – निर्देशक
  • संग्राम सिंह मदीना – WWE के हरियाणा के पहले रेसलर।
  • कामरेड लक्ष्मण दास – इनका संबंध रोहतक से था।

महत्वपूर्ण बिंदु

  1. रोहतक जिले की गजक व रेवड़ियाँ बहुत प्रसिद्ध है।
  2. राजीव गांधी खेल परिसर, रोहतक।
  3. चौधरी बंसीलाल क्रिकेट स्टेडियम (लाहली, रोहतक)
  4. ऑल इंडिया रेडियो (1930, रोहतक)
  5. यमुना नदी रोहतक से नहीं लगती है।
  6. मोहम्मद गौरी ने 1194 ईस्वी में आक्रमण किया था।
  7. रोहतक की सीमा किसी भी राज्य की सीमा से नहीं लगती है।
  8. 21वां राष्ट्रीय युवा महोत्सव 12 जनवरी, 2017 को रोहतक में हुआ।
  9. सबसे बड़ा मंडल – रोहतक, 5 जिले रोहतक मंडल (रोहतक, भिवानी, झज्जर, दादरी, सोनीपत)
  10. हरियाणा का 22वां जिला चरखी दादरी बना, जो रोहतक मंडल में आता है।
  11. रोहतक चरखी दादरी में कांग्रेस की पहली शाखा 1888 में बनी।
  12. रोहतक जिले में जाटों पर आर्यों का प्रभाव ज्यादा रहा।
  13. 1 दिसंबर, 1929 में वायसराय लॉर्ड इरविन की रेलगाड़ी को उड़ाने के लिए रोहतक में बम तैयार किए गए थे।
  14. NH – 709 हरियाणा के दो शहरों रोहतक – पानीपत को जोड़ता है।
  15. हिंदी के समर्थन में सत्याग्रह आंदोलन में सबसे प्रभावित जिले रोहतक व हिसार।
  16. शहर की शोरी क्लॉथ मार्केट, उत्तर भारत की सबसे बड़ी कपड़े की मार्केट मानी जाती है।
  17. ज्वार का उत्पादन सर्वाधिक रोहतक जिले में होता है।
  18. तिलियार झील को ‘इन्दिरा झील’ के नाम से भी जाना जाता है।

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जिला रेवाड़ी का दर्शन / वर्णन

District wise Description of Haryana State – District Rewari / हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला रेवाड़ी

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जिला रेवाड़ी का दर्शन / वर्णन
  • स्थापना – 1 नवंबर, 1989
  • अन्य नाम – पीतल नगरी, वीर सिटी, रेवतवाड़ी
  • नामकरण – बलराम के ससुर रेवत नामक राजा ने अपनी पुत्री
  • रेवती के नाम पर इस नगर का नाम रेवतवाड़ी रखा, जो बाद में बिगड़कर रेवाड़ी हो गया।
  • मुख्यालय – रेवाड़ी
  • उपमंडल – रेवाड़ी, कोसली, बावल
  • तहसील – रेवाड़ी, कोसली, बावल
  • उप तहसील – धारूहेड़ा, डहीना, बनेठी, नाहड़
  • खंड – रेवाड़ी, खोल, जाटूसाना, बावल, नाहड़
  • क्षेत्रफल – 1594 वर्ग किलोमीटर
  • लिंगानुपात – 919/1000 (2019 के अनुसार)
  • साक्षरता दर – 80.99 प्रतिशत
  • जिले में घनत्व – 565 (वर्ग किलोमीटर)
  • लोकसभा क्षेत्र – रोहतक, गुरुग्राम
  • विधानसभा क्षेत्र – रेवाड़ी, कोसली, बावल
  • 1857 की क्रांति के नेता – राव तुलाराम
  • नेशनल हाईवे – 48, 352
  • अलग होकर बना – महेन्द्रगढ़

प्रसिद्ध स्थल

  1. बावल – यहाँ पर अनेक अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हैं, जिनमें मारुति, कपारो, व्हील्स इंडिया, एक्साइड, एस.आई. इंडिया, वाईकेके मूसासी, नेरोलेक, मिंडा आदि है।
  2. धारूहेड़ा – रेवाड़ी जिले के कुंडा क्षेत्र के स्लेट पत्थर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है।
  3. इब्राहिम 12 हजारी की मस्जिद – इब्राहिम 12 हजारी मोहम्मद गौरी का जनरल था, उसने रेवाड़ी के चौहान सरदार को हराकर यहाँ मुस्लिम धर्म का आधिपत्य कायम किया था।
  4. लाल मस्जिद – रेवाड़ी की पुरानी कचहरी के समीप इस ऐतिहासिक मस्जिद का निर्माण अकबर के शासनकाल में सन् 1570 के आसपास हुआ था।
  5. रानी की ड्योढ़ी – रेवाड़ी जिले में स्थित रानी की ड्योढ़ी का निर्माण 1675 में राव नंदराम सिंह ने करवाया था।
  6. रामपुरा महल – इस भव्य महल का निर्माण राव तेज सिंह ने 1801 में करवाया था।
  7. कानोट दरवाजा – इसका निर्माण राव नंदराम ने करवाया था।
  8. घंटेश्वर महादेव मंदिर – घंटेश्वर महादेव मंदिर में सनातन धर्म के सभी देवी – देवताओं की पूजा होती है।
  9. रेवाड़ी हेरिटेज स्टीम लोकोमोटिव संग्रहालय।
  10. बाग वाला तालाब – इसका निर्माण राव गुर्जर के पुत्र राम अहीर ने करवाया था।
  11. नाहर वन्यजीव अभयारण्य कोसली, रेवाड़ी में 1987 को बना। यह काला हिरण के लिए प्रसिद्ध है।
  12. सैंड पाइपर पर्यटन स्थल रेवाड़ी में है। इसकी स्थापना 1982 में हुई।

प्रसिद्ध मेले

  • होली माता मेला, गोल चक्कर, रेवाड़ी।
  • भैरो जी का मेला, बास दादू, रेवाड़ी।
  • बाबा सच्चा शाही मेला, गुरावड़ा, रेवाड़ी।
  • रथ यात्रा जगन्नाथ 12 हजारी वाली, रेवाड़ी।

प्रमुख उद्योग

  • रेवाड़ी में हीरो होंडा मोटरसाइकिल बनाने की फैक्ट्री है।
  • रेवाड़ी जिला तांबा और पीतल के बर्तनों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है।

प्रमुख शिक्षण संस्थान

  • इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी में है।
  • चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय अनुसंधन केन्द्र, बावल, रेवाड़ी में है।

नदियाँ

  • साबी नदी बहती है। यह प्रमुख सिंचाई स्रोत है, इससे सिंचाई की जाती है।

प्रसिद्ध व्यक्तित्व

  • मुफ्रती निजामुद्दीन – कुतुबपुर के रहने वाले मुफ्रती निजामुद्दीन अंग्रेजी सेना से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
  • पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह (मार्च से नवंबर 1967) – विशाल हरियाणा पार्टी के संस्थापक।
  • राव तुलाराम – 1857 के स्वतंत्रता सेनानी।
  • मोनिका सोनी – रेवाड़ी की लता मंगेशकर।

महत्वपूर्ण बिंदु

  1. हरियाणा में आर्य समाज की प्रथम शाखा 1880 में रेवाड़ी में स्थापित हुई।
  2. निर्यातकों की सहायता के लिए राज्य में रेवाड़ी व पानीपत में स्टेशन बनाए गए हैं।
  3. हरियाणा राज्य का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन रेवाड़ी है।
  4. देश की पहली सीएनजी ट्रेन रेवाड़ी से रोहतक तक चलाई गई थी।
  5. हरियाणा में मोर-चिंकारा प्रजनन केन्द्र झाबुआ रेवाड़ी में है।
  6. हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस 23 सितंबर को राव तुलाराम के शहीदी दिवस पर मनाया जाता है।
  7. हरियाणा में प्रथम कैंसर संस्थान रेवाड़ी के मीरपुर में है।
  8. हरियाणा का सबसे पुराना रेलवे स्टेशन रेवाड़ी है।
  9. 2011 के अनुसार हरियाणा में सबसे अधिक पुरुष साक्षरता दर रेवाड़ी में है। (91%)
    नोटः 4 जिलों की स्थापना 1 नवंबर, 1989 को हुई थी – कैथल (कैथल) के लोग यमुना (यमुनानगर) के पानी (पानीपत) में रेवड़ी (रेवाड़ी) फेंकते हैं।

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जिला पानीपत का दर्शन / वर्णन

District wise Description of Haryana State – District Panipat / हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला पानीपत

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जिला पानीपत का दर्शन / वर्णन
  • स्थापना – 1 नवंबर, 1989
  • अन्य नाम – बुनकरों का शहर, पनप्रस्थ, पेट्रोकेमिकल्स
  • मुख्यालय – पानीपत
  • उपमंडल – पानीपत व समालखा
  • तहसील – पानीपत, समालखा, बापोली, इसराणा
  • उप तहसील – मडलौड़ा
  • खंड – पानीपत, इसराना, मडलौड़ा, समालखा, सनौली, बापोली
  • क्षेत्रफल – 1268 वर्ग किलोमीटर
  • लिंगानुपात – 939/1000 (2019 के अनुसार)
  • घनत्व – 951 वर्ग किलोमीटर
  • साक्षरता दर – 75 प्रतिशत
  • लोकसभा क्षेत्र – करनाल
  • विधानसभा क्षेत्र – पानीपत ग्रामीण, पानीपत शहरी, इसराना, समालखा
  • अलग होकर बना – करनाल से
  • नेशनल हाईवे – 44, 709

प्रसिद्ध स्थल

  1. काबुली बाग – बाबर ने प्रथम युद्ध की विजय की याद में पानीपत में काबुली बाग बनवाया।
  2. काला अंब – काला अंब में सन् 1761 में पानीपत का तीसरा युद्ध हुआ था। इस स्थान पर सरकार ने वॉर हीरोज मेमोरियल और संग्रहालय की स्थापना की है।
  3. सलारगंज गेट – यह त्रिपोलिया दरवाजा नवाब सलारगंज के नाम से प्रसिद्ध है। यह प्राचीन वास्तुकला का उत्वृफष्ट नमूना है।
  4. सिद्ध शिव शनिधाम – यह धार्मिक एकता का प्रतीक है। आसपास के क्षेत्र के लोग दादा – पोता मंदिर के नाम से भी जानते हैं।
  5. बू – अली शाह कलंदर दरगाह – हरियाणा में चिश्ती संप्रदाय की स्थापना शेख फरीद ने की थी। बू-अली शाह चिश्ती संप्रदाय के प्रमुख सूफी संत थे।
  6. कबीर उल औलिया हजरत शेख जलालुद्दीन की दरगाह – शेख जलालुद्दीन पानीपत के प्रमुख सूफी संत थे। यह बू – अली कलंदर के समकालीन ही थे।
  7. सैयद रोशन अली शाह साहिब की दरगाह – यहाँ हर धर्म के लोग दुआ करने आते हैं।
  8. अल्ताफ हुसैन हाली की कब्र – ये उर्दू, फारसी, अरबी व अंग्रेजी के अच्छे ज्ञाता थे। इन्होंने पैसे इकट्ठे कर शिक्षा प्रसार के लिए पुस्तकालय बनवाया। स्कूल भी बनवाया, जो बाद में ‘हाली हाई स्कूल शिक्षा’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
  9. इब्राहिम लोदी की कब्र – यह मकबरा तहसील कार्यालय के निकट स्थित है। 1526 में इब्राहिम लोदी बाबर के हाथों युद्ध में मारा गया। उसे युद्ध स्थल पर ही दफना दिया गया था और यहीं कब्र बना दी गई थी।
  10. काबुली बाग मस्जिद तालाब – काबुली बाग के परिसर में एक मस्जिद और एक तालाब बना हुआ है। यह बाबर की सबसे प्रिय रानी मुसम्मत काबुली बेगम की याद में बनवाई गई थी।
  11. जामा मस्जिद – नगर की सबसे बड़ी मस्जिद।
  12. हजरत ख्वाजा शमसुद्दीन का मकबरा – पानीपत जिले में स्थित।
  13. सलार फखरुद्दीन हाफिज जमाल का मकबरा – ये सूफी संत थे, जिन्होंने लोगों को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया था।
  14. मुकर्रम खान का मकबरा – जहाँगीर के हकीम
  15. कोस मीनार, गोहांड – शेरशाह सूरी ने जी.टी. रोड का निर्माण करवाया था। उसने मार्ग के प्रत्येक कोस पर एक – एक मीनार बनवाई थी।
  16. स्काई लार्क – हरियाणा टूरिज्म विभाग द्वारा संचालित रिसॉर्ट।
  17. देवी तालाब शिव मंदिर – मराठा सरदार मंगल रघुनाथ ने 250 साल पहले बनवाया था।

प्रसिद्ध मेले

  • शिवरात्रि का मेला – भादड़
  • पाथरी माता का मेला – पाथरी
  • कलंदर मजार का मेला – चिश्ती सम्पद्राय के प्रमुख सूफी संत थे। इनकी मजार पर मेला लगता है।

प्रसिद्ध व्यक्तित्व

  • ख्वाजा अहमद अब्बास – फिल्म निर्देशक
  • हिमांशु सैनी – फिल्म अभिनेता
  • नीरज चोपड़ा – एथलीट
  • रोहित कुमार – कबड्डी खिलाड़ी
  • राजेन्द्र गुप्ता – फिल्म/टीवी/थियेटर कलाकार
  • अल्ताफ हुसैन हाली – उर्दू शायर

महत्वपूर्ण बिंदु

  1. हरियाणा में अमोनिया प्लांट पानीपत में है।
  2. देश का पहला कृत्रिम रबड़ संयंत्र पानीपत में है।
  3. हरियाणा के पानीपत जिले से 75% कंबलों की आपूखत भारतीय सेना में होती है।
  4. हरियाणा का पहला गुरुकुल पानीपत के डिकाडला गाँव में खुला था।
  5. मिशन इंद्रधनुष – हरियाणा में बच्चों को स्वास्थ्य और रोग मुक्त रखने के अभियान (7 अप्रैल, 2015 से) की शुरुआत पानीपत जिले से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की।
  6. पानीपत की लड़ाइयां – 1526 में बाबर और इब्राहिम लोदी के बीच युद्ध हुआ, जिसमें बाबर जीता। 1556 में अकबर और हेमचंद्र (हेमू) विक्रमादित्य के बीच युद्ध हुआ, जिसमें अकबर जीता। 1761 में अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच (सरदार सदाशिव राव भाऊ) युद्ध हुआ। इसमें अहमद शाह अब्दाली जीता।
  7. प्रमुख खनिज गंधक मिलता है।
  8. यमुना नदी से पानी की आपूर्ति होती है।
  9. ब्लू जे पर्यटन केन्द्र पानीपत में हैं।
  10. मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 25 जनवरी, 2018 को पानीपत में हरियाणा का पहला स्मार्ट ग्रिड पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। हरियाणा का पहला महिला बिजली सबस्टेशन (12 फीडर) फरवरी 2018 को (तीन महिलाएं – मोनिका, पूनम, कविता) पानीपत में शुरू हुआ।
  11. पराली से एथेनॉल तैयार करने वाला प्लांट पानीपत में लगाया गया है।
  12. हरियाणा का सबसे लंबा फ्रलाईओवर एनएच – 1 पानीपत में 10 किलोमीटर लंबा है।
  13. ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत पानीपत से प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी, 2015 को की थी। (ब्रांड एम्बेसडर साक्षी मलिक)
  14. पानीपत में फतेहाबाद के बाद सबसे कम वन क्षेत्र है।
  15. गुलाब के फूल का उत्पादन सर्वाधिक होता है।
  16. एशिया की दूसरी सबसे बड़ी रिफाइनरी पानीपत में है।
  17. पानीपत ताप विद्युत केन्द्र – 1979 में आसनगांव में बना। (1400 मेगावाट)
  18. हरियाणा में पहला अन्नपूर्णा वस्त्र एवं अनाज बैंक पानीपत में खोला गया।
  19. यूरिया संयंत्र और नेशनल फर्टिलाइजर रिफाइनरी पानीपत में है।
  20. शिवाजी स्टेडियम पानीपत में है।

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जिला पंचकुला का दर्शन / वर्णन

District wise Description of Haryana State – District Panchkula / हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला पंचकुला

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जिला पंचकुला का दर्शन / वर्णन
  • स्थापना – 15 अगस्त, 1995
  • नामकरण – इसका पंचकुला नाम 5 झरनों पर पड़ा था
  • मुख्यालय – पंचकुला
  • उपमंडल – पंचकुला, कालका
  • उप तहसील – बरवाला, मोरनी, रायपुररानी
  • खंड – बरवाला, पिंजौर, मोरनी, रायपुररानी
  • क्षेत्रफल – 898 वर्ग किलोमीटर
  • लिंग अनुपात – 963/1000 (2019 के अनुसार)
  • साक्षरता – 81.88 प्रतिशत
  • घनत्व – 625 वर्ग किलोमीटर सबसे छोटा क्षेत्रफल की दृष्टि से)
  • लोकसभा क्षेत्र – अंबाला
  • विधानसभा क्षेत्र – पंचकुला, कालका
  • अलग होकर बना – अंबाला जिले से
  • नेशनल हाईवे – 5, 344

प्रसिद्ध स्थल

  1. जिनेंद्र जैन गुरुकुल – इस गुरुकुल की स्थापना 21 फरवरी, 1929 में स्वामी धनीराम व उनके शिष्य आचार्य कृष्णचंद्र के द्वारा की गई थी।
  2. माता मनसा मंदिर – चंडीगढ़ से लगभग 9 किलोमीटर दूर मनी माजरा के निकट शिवालिक पहाड़ियों के प्रथम शिखर पर सुशोभित माता का ऐतिहासिक मंदिर है।
  3. काली माता मंदिर – कालका पहाड़ी क्षेत्र में कालका – शिमला मार्ग पर पहाड़ियों से घिरा काली माता का मंदिर आस्था का केन्द्र है।
  4. पिंजौर के यादविंदर उद्यान – पिंजौर के यादविंदर उद्यान को उत्तरी भारत का नंदनवन भी कहा जाता है।
  5. मोरनी हिल्स – शिवालिक गिरीमाला में स्थित एकमात्र हिलस्टेशन मोरनी हरियाणा राज्य में सबसे ऊंचा स्थान है।
  6. पिंजौर – यहाँ का मुगल गार्डन कई चुने – गिने उद्योगों में से एक है। निर्माण 1661 में औरंगजेब के चचेरे भाई व पंजाब के गवर्नर फिदाई खान ने पंजाब विलियन के आगमन के उपलक्ष्य में करवाया।
  7. भीमा देवी मंदिर – पंचकुला।
  8. वीर शिकारगढ़ वन्यजीव अभयारण्य – (1987) पिंजौर।
  9. रेड जंगल फाउल प्रजनन केन्द्र – (पिंजौर) पंचकुला।
  10. खोल-ही-एैतीन वन्य जीव अभ्यारण्य, पंचकुला (2007)।
  11. पंचकुला के किले – पिंजौर किला, रानीपुर किला, रामगढ़ का किला
  12. कैक्टस गार्डन – एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन है।
  13. छत्रबीर जू (महेंद्र ग्लोबल पार्क)।

प्रमुख उद्योग

  • पंचकुला अर्बन स्टेट
  • एचएमटी – पिंजौर
  • सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र
  • इलेक्ट्रिक उपकरण उद्योग

नदियाँ

  • घग्गर नदी
  • सिरसा नदी
  • कौशल्या नदी

प्रसिद्ध व्यक्तित्व

  • अरुणा आसफ अली – भारतीय स्वतंत्रता सेनानी
  • गौरी श्योराण – शूटिंग खिलाड़ी (भीम अवार्ड से पुरस्वृफत)
  • विश्वजीत – शूटिंग खिलाड़ी (भीम अवार्ड से पुरस्वृफत)
  • मीनाक्षी चौधरी – मॉडल (मिस ग्रांड इंटरनेशनल 2018, प्रथम उपविजेता)

महत्वपूर्ण बिंदु

  1. मोरनी हिल्स ‘पहाड़ों की रानी’ के नाम से प्रसिद्ध है।
  2. ‘भीम अवार्ड’ हरियाणा का सर्वोच्च खेल पुरस्कार है।
  3. ताऊ देवीलाल स्टेडियम पंचकुला में है।
  4. सर्वाधिक वन क्षेत्र वाला जिला पंचकुला है।
  5. गुरुद्वारा – गुरु मंजी साहब, पिंजौर, नाडा साहब पंचकुला।
  6. हरियाणा में सबसे कम पशुधन वाला जिला पंचकुला है। यहाँ पालतू पशु चिकित्सा केन्द्र है।
  7. तीतर प्रजनन केन्द्र, मोरनी, पंचकुला जिला में है।
  8. गिद्ध प्रजनन केन्द्र, पिंजौर, पंचकुला जिले में है।
  9. पंचकुला की सीमाएं पंजाब और हिमाचल प्रदेश से लगती है।
  10. जनसंख्या में सबसे कम जिला पंचकुला।
  11. सर्वोच्च ऊंची चोटी (हरियाणा) करोह – 1415 मीटर।
  12. सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र शिवालिक की पहाड़ियां।
  13. टांगरी नदी का उद्गम स्थल मोरनी की पहाड़ियां।
  14. हवाई अड्डा – पिंजौर हवाई अड्डा।
  15. सबसे कम भैंस वाला जिला पंचकुला।
  16. सबसे अधिक मक्का उत्पादन होता है।
  17. मैंगो फेस्टिवल पंचकुला में लगता है – जून – जुलाई माह में।
  18. हर्बल फॉरेस्ट पंचकुला में है।
  19. टीचर होम पंचकुला में बनाया गया है।
  20. बाबा राम-रहीम को पंचकुला सीबीआई कोर्ट में साध्वी यौन शोषण के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई गई। जज (जगदीप सिंह लोहान), जींद।
  21. हरियाणा का सबसे उत्तरी जिला पंचकुला।
  22. ऐसे तीन शहर, जो ट्री सिटी का निर्माण करते हैं – पंचकुला, चंडीगढ़, मोहाली।
  23. आईटी पार्क – पंचकुला व आईएमटी मानेसर।
  24. हरियाणा में कालका पिंजौर से पाषाण युगीन हथियार मिले हैं।
  25. हरियाणा का पहला जिला, जिसमें 24 घंटे बिजली आपूखत होती है।
  26. हरियाणा की पहली सेब मंडी – पंचकुला।
  27. हरियाणा के पंचकुला जिले में विश्वस्तरीय योग और प्राकृतिक केन्द्र की स्थापना की गई है। (OP धनखड़)
  28. पिंजौर का पुराना नाम – पंचपुरम।
  29. महिला आयोग मुख्यालय पंचकुला में है।
  30. सबसे ऊँचा मतदान केन्द्र – धमण (पंचकुला)

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जिला पलवल का दर्शन / वर्णन

District wise Description of Haryana State – District Ambala/ हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला अम्बाला

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जिला पलवल का दर्शन / वर्णन

स्थापना – 15 अगस्त, 2008
मुख्यालय – पलवल
तहसील – पलवल, होडल, हथीन
उप मंडल – पलवल, होडल, हथीन
खंड – पृथला, पलवल
क्षेत्रफल – 1367 वर्ग किलोमीटर
लिंगानुपात – 930/1000 (2019 के अनुसार)
साक्षरता दर – 69.32 प्रतिशत
जिले में घनत्व – 761 (वर्ग किलोमीटर)
लोकसभा क्षेत्र – फरीदाबाद
विधानसभा क्षेत्र – पलवल, हथीन, होडल
1857 की क्रांति के नेता – गफूर अली (व्यापारी), हरसुन राय (किसान)
नेशनल हाईवे – 44
अलग होकर बना – फरीदाबाद

प्रसिद्ध स्थल

1. पांडव वन – मान्यता के अनुसार पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय यहीं पर बिताया था।
2. सती का स्थान – होडल क्षेत्र में सती के नाम पर एक भव्य मंदिर तथा तालाब बनाया गया था। यहाँ जनवरी माह में मेला लगता है। भरतपुर के राजा सूरजमल ने एक सराय तालाब तथा बावड़ी का निर्माण भी करवाया था।
3. पंचवटी – पांडवों के समय का मंदिर माना जाता है। अज्ञातवास के समय इस स्थान पर विश्राम भी किया था।
4. डबचिक – दिल्ली – आगरा मार्ग पर डबचिक पर्यटन कॉम्पलेक्स बना हुआ है।
5. महल एवं बाराखंबा छतरी – महलनुमा हवेली का निर्माण भरतपुर के राजा सूरजमल के ससुर चौधरी कांशीराम सोरोत ने करवाया था महारानी किशोरी राजा सूरजमल की धर्मपत्नी और चौधरी कांशीराम की पुत्री थी।
6. जैन मंदिर – जैन सम्प्रदाय का धार्मिक स्थल
7. जागेश्वर मंदिर – विष्णु जी का प्रसिद्ध मंदिर
8. कोटा मंदिर – हिन्दुओं का धार्मिक स्थल

प्रसिद्ध उद्योग

1. साइकिल उद्योग
2. एल. एस. फ्रूड इंडस्ट्री
3. प्लास्टिक इंडस्ट्री
4. ऑयल इंडस्ट्री

नदियाँ

यमुना नदी – यह सिंचाई का प्रमुख स्त्रोत है।

महत्वपूर्ण बिंदु

1. हरियाणा की ‘सिटी ऑफ कॉटन’ भी कही जाती है।
2. यहाँ का साइकिल उद्योग प्रमुख है।
3. पलवल का रेलवे स्टेशन वह स्थान है, जहाँ से महात्मा गाँधी को पहली बार गिरफ्तार किया गया था।
4. पलवल हरियाणा का एकमात्र जिला है, जो बृज क्षेत्र में आता है।

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जिला नूँह का दर्शन / वर्णन

District wise Description of Haryana State – District Nuh / हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला नूँह

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जिला नूँह का दर्शन / वर्णन
  • स्थापना – 2 अक्टूबर, 2004 (सत्यमेवपुरम), 5 अप्रैल, 2005 (मेवात), 12 अप्रैल, 2016 (नूँह)
  • मुख्यालय – मेवात (नूँह)
  • उप मण्डल – फिरोजपुर, झिरका, नूँह
  • तहसील – फिरोजपुर, झिरका, नूँह, पुन्हाना, तावडु
  • उप तहसील – नगीना
  • खंड – फिरोजपुर, झिरका, नूँह, पुन्हाना, तावडु और नगीना
  • क्षेत्रफल – 1507 वर्ग किलोमीटर
  • लिंगानुपात – 921/1000 (2019 के अनुसार)
  • साक्षरता दर – 54.08 प्रतिशत
  • जिले में घनत्व – 729 (वर्ग किलोमीटर)
  • लोकसभा क्षेत्र – गुरुग्राम
  • विधानसभा क्षेत्र – फिरोजपुर, झिरका, नूँह, पुन्हाना
  • 1857 की क्रांति के नेता – सदरूद्दीन
  • नेशनल हाईवे – 248
  • अलग होकर बना – गुरुग्राम

प्रसिद्ध स्थल

  1. चूहीमल तालाब – सेठ चूहीमल ने 10 बीघा जमीन खरीदकर उसे तालाब का रूप दे दिया। यह जलराशि का बड़ा स्रोत होने के साथ साथ बहुत प्राचीन स्थल है।
  2. क्लासिक गोल्फ रिसोर्ट – अरावली पर्वत शृंखला की तराई में गाँव पांडा तावडू में स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्तर का गोल्पफ कोर्स है। यहाँ पर विदेशी पर्यटक भी आते हैं।
  3. कोटला झील – कोटला झील मेवात की ही नहीं एशिया की सबसे बड़ी झील मानी जाती है। इस झील के बारे में बाबर ने ‘बाबरनामा’ में भी उल्लेख किया है।
  4. शेख मूसा की मजार (शाह चौखा की मजार) – मेवात की धरती पीर – फकीरों तथा ऋषि मुनियों की कर्मस्थली भी है। हजरत शेख मूसा का संबंध ईरान से बताया जाता है। वह दिल्ली के प्रसिद्ध सूफी हजरत निजामुद्दीन औलिया के मुरीद थे। हजरत शेख मूसा की दरगाह पल्ला गाँव में पहाड़ी की तलहटी में मुगल बादशाह अकबर ने बनवाई थी।
  5. तावडू का किला – यह नाहर सिंह राजा का किला था। इस किले के चारों ओर ऊंची – ऊंची दीवारें बनी हैं। वर्तमान में यहाँ थाना बना हुआ है।
  6. तावडू के गुम्बद – ये गुम्बद मुगलकालीन शासन में बने थे। इन गुम्बदों में कब्रें मौजूद हैं।
  7. कन्ट्री क्लब – दिल्ली – जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मानेसर के पास 300 एकड़ में फैला यह भारत का सबसे पहला कन्ट्री क्लब है।
  8. गाँधी पार्क – यह बहुत ही खूबसूरत पार्क है। पर्यटक यहाँ पिकनिक मनाने आते है।
  9. झूलती मीनारें (पल्ला) गाँव में है।
  10. संगेल झील, चँदेली झील भी नूँह में है।

प्रमुख शिक्षण संस्थान/प्रशिक्षण संस्थान

  • आई.पी.एम.टी. कोलकाता (खिलौना बनाने का प्रौद्योगिकी संस्थान) – यह संस्थान लचीले खिलौने बनाने के प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक अनुभवी संगठन है।
  • शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज नल्हड़ (नूँह) में है।

प्रसिद्ध व्यक्तित्व

  • हसन खाँ – 1527 में खानवा के युद्ध में राणा सांगा का साथ दिया था।
  • ख्वाजा अहमद – प्रसिद्ध पत्रकार व लेखक
  • सदरूद्दीन – 1857 के संग्राम के सेनानी
  • तय्यब हुसैन – 3 राज्यों के मंत्री रह चुके राजनेता।
  • सलमान अली – गायक (इंडियन आइडल सीजन 10 के विजेता)

महत्वपूर्ण बिंदु

  1. नूँह जिला हरियाणा का साक्षरता की दृष्टि से सबसे पिछड़ा जिला है। (54.08%)
  2. हरियाणा का पहला चल न्यायालय नूँह में है। (भारत का पहला 2007 में)
  3. सुरों के महासंग्राम ‘इंडियन आइडल सीजन 10’ का खिताब नूँह मेवात जिले के पुन्हाना शहर के सलमान अली ने जीता था।
  4. नूँह जिले में सिंचाई का साधन – यमुना नदी।
  5. फरीदाबाद व गुरुग्राम से अलग करके बनाया गया।
  6. सामाजिक, आर्थिक रूप से हरियाणा में सबसे अधिक पिछड़ा हुआ जिला।
  7. हरियाणा का सबसे अधिक मुस्लिम बहुल क्षेत्र।
  8. नूँह के गाँव खेडला की मस्जिद में प्रति वर्ष दादा हजरत दरिया पीर का सालाना उर्स मनाया जाता है।
  9. हरियाणा का सबसे दक्षिणी जिला नूँह है।
  10. मेवात का नाम बदलकर नूँह 13 अप्रैल, 2016 को किया गया।
  11. हरियाणा में कोटला की पहाड़ियाँ नूँह में हैं।
  12. सबसे पहला मोबाइल कोर्ट वाला जिला नूँह है।

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जिला महेंद्रगढ़ का दर्शन / वर्णन

District wise Description of Haryana State – District Mahendragarh / हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला महेंद्रगढ़

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जिला महेंद्रगढ़ का दर्शन / वर्णन
  • स्थापना – 1 नवंबर, 1966
  • अन्य नाम – खनिजों का शहर
  • नामकरण – कनोडिया ब्राह्मणों के द्वारा आबाद किए जाने की वजह से महेन्द्रगढ़ पहले ‘कानौड’ के नाम से जाना जाता था। पटियाला के राजा महेन्द्र सिंह के नाम पर महेन्द्रगढ़ रखा गया।
  • मुख्यालय – नारनौल
  • उपमंडल – महेन्द्रगढ़, कनीना, नारनौल
  • तहसील – महेन्द्रगढ़, नारनौल, अटेली, कनीना, नांगल चौधरी
  • उप तहसील – सतनाली
  • खंड – अटेली, नांगल चौधरी, कनीना, महेन्द्रगढ़, नारनौल, निजामपुर, सतनाली
  • क्षेत्रफल – 1900 वर्ग किलोमीटर
  • लिंगानुपात – 917/1000 (2019 के अनुसार)
  • साक्षरता दर – 78.9 प्रतिशत
  • जिले में घनत्व – 486 (वर्ग किलोमीटर)
  • लोकसभा क्षेत्र – भिवानी, महेन्द्रगढ़
  • विधानसभा क्षेत्र – महेन्द्रगढ़, नारनौल, अटेली, नांगल चौधरी

प्रसिद्ध स्थल

  1. अटेली – नारनौल से लगभग 20 किलोमीटर दूर अटेली में प्रमुख अनाज मंडी है।
  2. बाबा केसरिया धाम, मांडोला
  3. बाबा की खिमजधाम, सेहलंग
  4. बाबा भोलेगिरी आश्रम, खेड़ी तलवाड़ा
  5. माधोगढ़ का किला – महेन्द्रगढ़ से 15 किलोमीटर दूर सतनाली सड़क मार्ग पर अरावली पर्वत शृंखला की पहाड़ियों के बीच सबसे ऊँची चोटी पर माधोगढ़ का ऐतिहासिक किला स्थित है। इसका निर्माण राजस्थान के सवाई माधोपुर के शासक माधव सिंह ने करवाया था।
  6. राय मुकुंद दास का छत्ता – शाहजहाँ के शासनकाल में नारनौल के दीवान मुकुंद दास ने करवाया था। यह स्मारक मुगल कालीन ऐतिहासिक स्मारकों में सबसे बड़ा है। अकबर के शासनकाल में बीरबल का यहाँ आना – जाना रहता था, इसलिए इसे ‘बीरबल का छत्ता’ के नाम से भी जाना जाता है।
  7. इब्राहिम खान का मकबरा – इब्राहिम खान का मकबरा नारनौल में विशाल गुम्बद के आकार का है। प्रसिद्ध सम्राट शेरशाह सूरी ने इसे अपने दादा इब्राहिम खान की याद में बनवाया था।
  8. मिर्जा अलीजान की बावड़ी – यह नारनौल के बाहर स्थित इस बावड़ी का निर्माण मिर्जा अलीजान ने करवाया था।
  9. नारनौल की बावड़ी – नारनौल में कभी 14 बावड़ियां थी। नारनौल की मुख्य बावड़ी तख्त वाली बावड़ी है, छलक नदी के किनारे स्थित है। मिर्जा अलीजान ने इसका निर्माण करवाया था।
  10. शाह विलायत का मकबरा – इब्राहिम खान के मकबरे के एक ओर स्थित यह मकबरा आकार में बड़ा है। इसका निर्माण फिरोजशाह तुगलक के काल में हुआ था।
  11. चामुंडा देवी का मंदिर – नारनौल में प्राचीन मंदिर शहर के मुख्य दर्शनीय स्थलों में एक है। यह सभी धर्मों की एकता का प्रतीक स्थल है।
  12. हमजा पीर दरगाह – नारनौल से 10 किलोमीटर दूर ग्राम धरसू में स्थित संत हमजा पीर की दरगाह भी काफी प्रसिद्ध है। हमजा पीर का पूरा नाम हजरतशाह कलमुद्दीन हमजा पीर हुसैन था।
  13. बाघोत का शिव मंदिर – महेन्द्रगढ़ से लगभग 40 किलोमीटर दूर कनीना – दादरी मार्ग पर स्थित बाघोत का प्राचीन शिव मंदिर एक दर्शनीय स्थल है। चक्रवर्ती राजा दिलीप के काल में इसका निर्माण हुआ था। कालांतर में यह ‘बाघेश्वर’ से ‘बाघोत’ हो गया है।
  14. गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा – नारनौल।
  15. नारनौल में शाह कुली खान द्वारा 1591 में निर्मित जल महल स्थित है।
  16. चोर गुंबद नारनौल में जमाल खान द्वारा निर्मित है। इसे नारनौल का साइन बोर्ड भी कहा जाता है।
  17. अन्नपूर्णा तीर्थ स्थल नारनौल, महेन्द्रगढ़ में है।
  18. गुरुद्वारा गुरु दशमेश – नारनौल।

प्रसिद्ध मेले

  • बाबा बिहारी नाथ का मेला – नांगलगढ़।
  • तीर्थ का मेला – नारनौल।
  • ढोसी का मेला – महर्षि च्यवन की तपस्थली ढोसी पहाड़ी पर।
  • माता मसानी का मेला – महेन्द्रगढ़।
  • शिवजी का मेला – बाघोत।

प्रमुख शिक्षण संस्थान

  • केन्द्रीय विश्वविद्यालय, जाट पाली, महेन्द्रगढ़।

प्राचीन स्थल

  • ढौसी हिल – नारनौल से लगभग 5 किमी. की दूरी पर स्थित यह स्थान वास्तव में एक विलुप्त ज्वालामुखी है और आज भी यहाँ लावा पाया जाता है।
  • महर्षि च्यवन ऋषि की तपोस्थली – महर्षि च्यवन ऋषि की तपोस्थली नारनौल ‘ढोसी की पहाड़ी’ पर स्थित है।
  • नारनौल में लाल पत्थर से बनी भगवान शिव की प्रतिमा प्राप्त हुई है। 

प्रसिद्ध व्यक्तित्व

  • सतीश कौशिक – फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक, महेन्द्रगढ़ से हैं।
  • बाबा रामदेव – प्रसिद्ध योग गुरु एवं पंतजलि आयुर्वेद लिमिटेड के संस्थापक का महेन्द्रगढ़ में जन्म हुआ था।
  • सूबेदार रिद्दपाल राम – विक्टोरिया क्रॉस पदक (4 जुलाई, 1941) से सम्मानित महेन्द्रगढ़ के बरडा गाँव में जन्म।

महत्वपूर्ण बिंदु

  1. हरियाणा में सरसों उत्पादन में प्रथम जिला महेन्द्रगढ़ है।
  2. नारनौल का प्राचीन नाम ‘नंदिग्राम’ था।
  3. नारनौल शेरशाह की जन्मस्थली है।
  4. शेरशाह सूरी – उनका बचपन महेन्द्रगढ़ में बीता। शेरशाह के बचपन का नाम फरीद खां था। उनका मकबरा नारनौल में है। शेरशाह सूरी ने हुमायूं से राज्य 1540 में छीना। शेरशाह की मृत्यु 1545 में हुई।
  5. महेन्द्रगढ़ एकमात्र जिला है, जिसमें से कोई भी नेशनल हाईवे नहीं गुजरता है।
  6. अकबर के समय में नारनौल में टकसाल थी, जहाँ पर जलाली सिक्का बनाया जाता था।
  7. हरियाणा में सर्वप्रथम मनरेगा 2 जिलों में शुरू हुई थी। 1 – सिरसा 2 – महेन्द्रगढ़ (2006)
  8. कृष्णावती व दोहान नदी से सिंचाई होती है।
  9. महेन्द्रगढ़ अपने खूबसूरत पर्यटक स्थलों के लिए काफी प्रसिद्ध है।
  10. बाजरा फसल के उत्पादन में महेन्द्रगढ़ का प्रथम स्थान है।
  11. महेन्द्रगढ़ का नारनौल शहर अपने धखमक स्थलों के लिए काफी प्रसिद्ध है।
  12. खनिज पदार्थ – चूने का पत्थर, लोहा, मार्बल का पत्थर, संगमरमर, चूना, तांबा, ग्रेफाइट, अभ्रक, मैंगनीज, कायनाइट आदि खनिज पदार्थ महेन्द्रगढ़ में मिलते है।
  13. राव तुलाराम और अंग्रेजों के बीच युद्ध (नसीबपुर युद्ध) 16 नवंबर, 1857 को हुआ था।
  14. जवाहरलाल नेहरू उत्थान सिंचाई परियोजना’ द्वारा महेन्द्रगढ़ के इलाकों में सिंचाई होती है।
  15. हरियाणा में सबसे कम फल व सब्जियां महेन्द्रगढ़ में होती हैं। (सबसे ज्यादा सिरसा में)
  16. पुरुषों द्वारा किया जाने वाला धमाल नृत्य महेन्द्रगढ़ में काफी लोकप्रिय है।

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जिला कुरुक्षेत्र का दर्शन / वर्णन

District wise Description of Haryana State – District Kurukshetra / हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला कुरुक्षेत्र

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जिला कुरुक्षेत्र का दर्शन / वर्णन
  • नामकरण – राजा कुरु के नाम पर
  • मुख्यालय – कुरुक्षेत्र
  • उपमंडल – थानेसर, पेहोवा, शाहबाद
  • तहसील – थानेसर, पेहोवा, शाहबाद
  • उप तहसील – लाडवा, इस्माइलाबाद, बबेन
  • खंड – लाडवा, पेहोवा, शाहबाद, थानेसर, बबेन, इस्माइलाबाद
  • क्षेत्रफल – 1530 वर्ग किलोमीटर
  • लिंगानुपात – 929/1000 (2019 के अनुसार)
  • साक्षरता दर – 76.31 प्रतिशत
  • जिले में घनत्व – 631 वर्ग किलोमीटर
  • लोकसभा क्षेत्र – कुरुक्षेत्र
  • विधानसभा क्षेत्र – पेहोवा, शाहबाद, थानेश्वर, लाडवा
  • अलग होकर बना – करनाल से
  • नेशनल हाईवे – 44,152

प्रसिद्ध स्थल

  1. भोरसेंदा – कुरुक्षेत्र से 13 किलोमीटर दूर भोरसेंदा गाँव में मगरमच्छ प्रजनन केन्द्र है।
  2. ज्योतिसर सरोवर – ज्योतिसर सरोवर वह स्थान है, जहाँ महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। यहाँ श्रीकृष्ण, अर्जुन व शंकराचार्य का मंदिर बनाया गया है।
  3. ब्रह्मसरोवर – इसे कुरुक्षेत्र सरोवर भी कहते हैं। माना जाता है कि इसे राजा कुरु ने खुदवाया था।
  4. गीता भवन – 1921 में मध्यप्रदेश के राजा ने बनवाया था।
  5. श्री शनि धाम – श्री शनि धाम मंदिर में शनि देव की प्रतिमा प्रथम तल पर है। इस प्रतिमा के साथ ही नौ ग्रहों की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई है।
  6. कालेश्वर तीर्थ – यह प्रसिद्ध तीर्थ कुरुक्षेत्र में स्थित है।
  7. बिरला मंदिर – इसका निर्माण जुगल किशोर बिरला ने 1955 में करवाया था। इसका नाम ‘भगवत गीता मंदिर’ भी है।
  8. स्थानेश्वर महादेव मंदिर – यहाँ पर पांडवों ने शिव से प्रार्थना की थी कि वह महाभारत के युद्ध में विजयी हों।
  9. श्रीकृष्ण संग्रहालय – 1911 में कुरुक्षेत्र में बनाया गया।
  10. सर्वेश्वर महादेव मंदिर – यह मंदिर जल के बीच में बना है तथा यहाँ जाने का रास्ता छोटा-सा पुल है।
  11. मार्कंडेश्वर देवी मंदिर – कुरुक्षेत्र के गुमटी गाँव में स्थित मंदिर।
  12. शेख चिल्ली का मकबरा – थानेसर में स्थित सूफी संत शेख चिल्ली का मकबरा संगमरमर से बना है। इसे ‘हरियाणा का ताजमहल’ भी कहा जाता है।
  13. बाबा काली कमली का डेरा – यह डेरा स्वामी विशुद्धानंद जी महाराज द्वारा स्थापित है। यहाँ पर भगवान शंकर, श्रीकृष्ण, अर्जुन की प्रतिमाएं हैं।
  14. बाणगंगा – अर्जुन ने यहाँ पर बाण मारकर गंगा निकाली थी और उसकी धारा शर – शैय्या पर लेटे भीष्म पितामह के मुंह में पहुँची थी।
  15. प्राचीन तीर्थ – माना जाता है कि यहाँ तीन रात्रि तक रहकर व्रत करने से सारे पाप मिट जाते हैं।
  16. अपाया – यह तीर्थ स्थल अपाया नदी के तट पर है। नदी में स्नान कर और महा ईश्वर की पूजा करने से मनोकामना पूर्ण होती है।
  17. देवीकूप मंदिर – भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक यह मंदिर भद्रकाली या सती का है।
  18. ज्योतिसर – सरस्वती नदी के किनारे स्थित कुरुक्षेत्र का प्रसिद्ध स्थल।
  19. राजघाट गुरुद्वारा, कुबेर तीर्थ, चन्द्रकूप वाल्मीकि आश्रम, लक्ष्मी नारायण मंदिर, गुरुद्वारा छटी बादशाही, गुरुद्वारा नवमी बादशाही आदि कुरुक्षेत्र में है।
  20. पैराकीट तीर्थ स्थली और मिनी चिड़ियाघर पिपली में है।
  21. चिलचिला वन्य जीव अभ्यारण्य की स्थापना 28 नवंबर, 1986 को कुरुक्षेत्र में हुई थी।
  22. सन्निहित सरोवर, थानेसर, कुरुक्षेत्र में है।

प्रसिद्ध मेले

  • सूर्य ग्रहण का मेला – थानेसर में स्थित ब्रह्मसरोवर के पास।

प्रमुख शिक्षण संस्थान

  1. गीता इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, कपिला (2007)
  2. कुरुक्षेत्र इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, भोरसेंदा (2007)
  3. श्रीकृष्ण इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (1997)
  4. टेक्नोलॉजी एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (2007)
  5. मॉडर्न इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मोहरी (2007)
  6. कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय – 11 जनवरी, 1956 को प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा नींव रखी गई। हरियाणा की सबसे पहली यूनिवर्सिटी मानी जाती है। हरियाणा की पहली कैशलेस यूनिवर्सिटी।
  7. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) – NIT कुरुक्षेत्र भारत के 20 संस्थानों में से एक है। यह पहले एक रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज था। 26 जून, 2002 को भारत सरकार ने यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया।

नदियां

  • सरस्वती व मार्कण्डा प्रमुख नदी हैं।

प्रसिद्ध व्यक्तित्व

  • रानी रामपाल – कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद मारकंडा की निवासी। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान। अर्जुन अवार्ड तथा भीम अवार्ड से सम्मानित।
  • संदीप सिंह – ड्रैग फ्लिकर
  • दलेल सिंह रोड़ – बॉलीबॉल खिलाड़ी, कुरुक्षेत्र के अमीन गाँव में जन्म।
  • संदीप कौर – हॉकी खिलाड़ी

महत्वपूर्ण बिंदु

  1. कुरुक्षेत्र बासमती चावल के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
  2. ब्रह्म सरोवर झील भगवान ब्रह्मा के नाम पर खोदी गई है।
  3. आलू, शकरकंद उत्पादन में कुरुक्षेत्र जिला प्रथम है।
  4. श्री जनपद के नाम से जाना जाने वाला जिला कुरुक्षेत्र है।
  5. सर्वाधिक बिजली सिंचाई सेट कुरुक्षेत्र में है।
  6. शाहबाद शुगर मिल, शाहबाद, कुरुक्षेत्र में है।
  7. महाराजा हर्षवर्धन ने अपनी राजधानी थानेसर कुरुक्षेत्र को बनाया।
  8. हरियाणा में ‘मोतीलाल नेहरू खेलकूद स्कूल’ कुरुक्षेत्र में है।
  9. हरियाणा में 3 आकाशवाणी केन्द्र (रोहतक, कुरुक्षेत्र, हिसार) है।
  10. सन्निहित झील (कुरुक्षेत्र) सरस्वती की 7 नदियों का मिलन स्थल कहा जाता है।
  11. अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2017 का आयोजन कुरुक्षेत्र में हुआ, जो 17 नवंबर से 3 दिसंबर, 2017 तक चला। उद्घाटन रामनाथ कोविंद ने किया।
  12. भारत का पहला वाईफाई हॉटस्पॉट गाँव गुमथला गददु, कुरुक्षेत्र है।

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जिला करनाल का दर्शन / वर्णन

District wise Description of Haryana State – District Karnal / हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला करनाल

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जिला करनाल का दर्शन / वर्णन
  • स्थापना – 1 नवंबर, 1966
  • अन्य नाम – हरियाणा का पेरिस, धान का कटोरा, करण नगरी, एग्रोहब, शूज हाउस।
  • प्राचीन नाम – “करणालय”
  • मुख्यालय – करनाल
  • तहसील – करनाल, असंध, इंद्री, धरौंडा, नीलोखेड़ी
  • खंड – करनाल, घरौंडा, इंद्री, नीलोखेड़ी, असंध, निसिंग, चिड़ाओं
  • क्षेत्रफल – 2520 वर्ग किलोमीटर
  • लिंगानुपात – 908/1000 (2019 के अनुसार)
  • साक्षरता दर – 74.73 प्रतिशत
  • जिले में घनत्व – 597 वर्ग किलोमीटर
  • लोकसभा क्षेत्र – करनाल
  • विधानसभा क्षेत्र – असंध, घरौंडा, इंद्री, करनाल, नीलोखेड़ी
  • नेशनल हाईवे – 44

प्रसिद्ध स्थल

  1. असंध – प्राचीन नाम ‘असंधिवत’। यह धारणा थी कि यहाँ पहले असंध राजा परीक्षित की राजधानी थी।
  2. धरौंडा – पहले 1739 में दिल्ली द्वारा नियुक्त आमिल के अधीन था। 1789 में जींद राजा गणपत सिंह के अधिकार में रहा।
  3. इंद्री – यहाँ प्रसिद्ध कच्ची समाधि स्थल है।
  4. तरावाड़ी – मोहम्मद गौरी ने 1191 में हिंदुस्तान पर पहला आक्रमण किया था, जिसका मुकाबला दिल्ली में अजमेर के शासक पृथ्वीराज चौहान ने तरावाड़ी मैदान में किया था। इसे तरावाड़ी यानी ‘तराइन की पहली लड़ाई’ के नाम से जाना जाता है। 1192 में मोहम्मद गौरी का पुनः आक्रमण तथा विजय। सर्वोत्तम बासमती चावल के लिए प्रसिद्ध है।
  5. गणपत सिंह का किला – इस किले का निर्माण राजा गणपत सिंह ने करवाया। जो आज पर्यटन का मुख्य केन्द्र है।
  6. कर्ण तालाब – मान्यतानुसार महाभारत काल के महान योद्धा कर्ण इस तालाब में नहाते थे। इस कारण इस तालाब का नाम कर्ण तालाब पड़ा।
  7. देवी मंदिर, सालवन – मेलों का गाँव। यहाँ राजा युधिष्ठर ने दशाश्वमेघ यज्ञ किया था। यह गाँव कभी राजा सालिवान की राजधानी था।
  8. मामा-भांजा मुगलसराय, धरौंडा – शाहजहाँ के शासन में फिरोज खान द्वारा विश्राम गृह के लिए बनवाई गयी जगह। 1914 को राष्ट्रीय महत्व का सरंक्षित स्मारक घोषित किया गया।
  9. ओयसिस पर्यटक स्थल – करनाल
  10. सेंट जेम्स चर्च टावर – इस टावर को ब्रिटिश सरकार द्वारा चर्च के अन्दर ही बनाया गया था और यहाँ पर ब्रिटिश सरकार ने छावनी भी बनाई थी।
  11. सीतामाई का मंदिर – यह मंदिर नीलोखेड़ी से 19 किमी. की दूरी पर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि सीता माता यहीं जमीन में समा गयी थीं।
  12. माता बाला सुंदरी मंदिर – करनाल – कैथल रोड पर स्थित यह मंदिर वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। मान्यता है कि यहाँ मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है।
  13. निर्मल कुटिया (बाबा निक्का सिंह) – सिक्ख धार्मिक स्थल।
  14. गांधी मेमोरियल हॉल – पहले विक्टोरिया हॉल हुआ करता था।
  15. अटल पार्क – इस पार्क का निर्माण लोगों के मनोरंजन के लिए किया गया है, जिसमें एक छोटी झील का भी निर्माण किया गया है।
  16. पाँच पीरों की मजार – मधुबन, करनाल।
  17. किशोरी महल स्मारक – यह महल स्थापत्य कला का प्रमुख केन्द्र है। इसे लोग दूर – दूर से देखने आते हैं।
  18. दरगाह कलंदर शाह – इसका निर्माण अलाउद्दीन खिलजी के पुत्र खिज्र खान और शादी खान द्वारा करवाया गया। बू-अली शाह के नाम पर हुआ।
  19. बास्थली – महर्षि वेदव्यास का आश्रम। यहाँ बैठकर महाभारत की रचना की। (रामायण – वाल्मीकि)
  20. अदिति मंदिर – आमीन गाँव (सूर्य का जन्म)
  21. मीरा साहिब का मकबरा – यह मकबरा एक संत सैय्यद मोहम्मद उर्फ मिरान साहिब की याद में बनाई गई। इन्होंने लोगों की भलाई के लिए सम्पूर्ण जीवन त्याग कर दिया।

प्रसिद्ध मेले

  1. बाबा सिमरन दास का मेला
  2. पराशर का मेला
  3. छड़िया का मेला
  4. पांडु का मेला

प्रमुख उद्योग

  1. कपास उद्योग
  2. चावल उद्योग
  3. नमक उद्योग
  4. चमनलाल सेतिया एक्सपोर्ट
  5. लिबर्टी पुफटवियर (जूता उत्पादन)

प्रमुख शिक्षण संस्थान/अनुसंधान संस्थान

  1. राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय की स्थापना नीलोखेड़ी में 2016 में (Polytechnic College)।
  2. ग्रीनवुड पॉलिटेक्निक कॉलेज – रणवार।
  3. पॉलिटेक्निक कॉलेज – नेहवाल।
  4. टेक्नो अपेक्स पॉलिटेक्निक कॉलेज – ग्राम गोरखगढ़, इंद्री।
  5. सैनिक स्कूल की स्थापना 1961 में कुंजपुरा में हुई।
  6. मधुबन पुलिस प्रशिक्षण परिषद – 1973
  7. राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान – इसकी स्थापना करनाल में मुख्य रूप से इंपीरियल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हसबेंडरी एंड डेयरी के रूप में 1930 में हुई। बाद में 1955 में इसका नाम राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट) पड़ा।
  8. गेहूं शोध निदेशालय – 1965 (ICAR)
  9. केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान – 1969 में इसकी स्थापना इंडो – अमेरिकन वाटर मैनेजमेंट की सिफारिश पर हुई (सेंट्रल सोयल सैलिनिटी रिसर्च इंस्टीट्यूट)

नदियाँ

  • यमुना नदी

प्रसिद्ध व्यक्तित्व

  • कल्पना चावला – जन्म करनाल 17 मार्च, 1962। प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री 1997। मृत्यु टेक्सास (यूएस) में (1 फरवरी, 2003) को।
  • राणा मुहम्मद इकबाल खान – राजनेता
  • वेद प्रकाश गोयल – राजनेता
  • नवदीप सैनी – भारतीय क्रिकेटर
  • शीबा मैगोन – भारतीय बास्केटबॉल खिलाड़ी

महत्वपूर्ण बिंदु – 

  1. प्रमुख पुस्तकालय
    → पुरुषोत्तम पुस्तकालय 1978
    → प्रजापत पुस्तकालय 1966
    → शहीद भगत सिंह पुस्तकालय 2006
    → जिला पुस्तकालय 1985
    → पाश पुस्तकालय
  2. माता प्रकाश कौर श्रवण एवं वाणी विकलांग केन्द्र – 2002
  3. सर्वाधिक घोड़े करनाल में पाए जाते हैं।
  4. हरियाणा में बने लिबर्टी जूतों का निर्यात करनाल से होता है।
  5. हरियाणा का पहला अंतरिक्ष सुरक्षा विश्वविद्यालय करनाल में है।
  6. यहाँ के प्रमुख रेडियो स्टेशन ‘रेडियो धमाल’, ‘रेडियो मंत्रा’ प्रसिद्ध हैं।
  7. करनाल हवाई अड्डा की स्थापना 1967 में हुई थी।
  8. 1990 में हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान की स्थापना।

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जिला कैथल का दर्शन / वर्णन

District wise Description of Haryana State – District Kaithal / हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला कैथल

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जिला कैथल का दर्शन / वर्णन
  • स्थापना – 1 नवंबर, 1989
  • अन्य नाम – हरियाणा की छोटी काशी, कपिल मुनि की नगरी, गुरुद्वारों का शहर। प्राचीन नाम ‘कपिस्थल’
  • नामकरण – कपिल ऋषि के नाम पर कैथल पड़ा
  • मुख्यालय – कैथल
  • उपमंडल – कैथल, गुहला, कलायत
  • तहसील – कैथल, गुहला, कलायत, फतेहपुर, पुंडरी
  • उप तहसील – राजौंद, ढांड, सीवन
  • खंड – गुहला, कैथल, राजौंद, सीवन, कलायत, पुंडरी
  • क्षेत्रफल – 2471 वर्ग किलोमीटर
  • लिंगानुपात – 919/1000 (2019 के अनुसार)
  • साक्षरता दर – 69.15 प्रतिशत
  • जिले में घनत्व – 464 (वर्ग किलोमीटर)
  • लोकसभा क्षेत्र – कुरुक्षेत्र
  • विधानसभा क्षेत्र – कैथल, पुंडरी, कलायत, गुहला
  • नेशनल हाईवे – 152
  • अलग होकर बना – करनाल से

प्रसिद्ध स्थल

  1. रजिया सुल्तान का मकबरा – इल्तुतमिश की पुत्री रजिया और उसके पति का कत्ल उसी के सरदारों द्वारा कैथल के निकट कर दिया गया था। भारत की सम्राज्ञी रजिया का मकबरा कैथल में बना हुआ है। मृत्यु 1240 ईस्वी में।
  2. नवग्रह कुंड – महाभारत के समय भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर के हाथों नवग्रह यज्ञ करवाकर नवग्रह कुंड का निर्माण करवाया था। इन कुंडों के स्नान के महत्व के कारण ही इसे ‘छोटी काशी’ कहा जाता है। नवग्रह कुंड – सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु आदि कुंड हैं।
  3. ग्यारह रुद्री शिव मंदिर – इस मंदिर में महाभारत काल में अर्जुन ने शिव को प्रसन्न करने के लिए तप किया और उनसे पाशुपतास्त्रा प्राप्त किया।
  4. अंबिकेश्वर महादेव मंदिर – यह मंदिर बहुत प्राचीन है।
  5. मीरा नोबाहर पीर की मजार, गुहला चीका – यह मजार 960 वर्ष पुरानी बताई जाती है। बाबा मीरा को बड़ा पीर भी कहा जाता है।
  6. पुंडरीक सरोवर – यहाँ पर पुंडरीक ऋषि का तपस्थली आश्रम था।
  7. गुरुद्वारा नीम साहिब – यह गुरुद्वारा सिक्खों के नवें गुरु तेग बहादुर साहिब जी को समर्पित है।
  8. गुरुद्वारा मंजी साहिब – यह गुरुद्वारा सिक्खों के छठे और दसवें गुरु हरगोविन्द व गुरु गोविन्द सिंह को समर्पित है।
  9. गीता मंदिर – पुंडरीक तीर्थ पर जाते समय विशाल चबूतरों के पास विशाल गीता मंदिर बना हुआ है।
  10. अंजनी का टीला – कैथल को हनुमान का जन्मस्थल माना जाता है। हनुमान की माता अंजनी को समखपत अंजनी का टीला एक दर्शनीय स्थान है।
  11. कोयल रिसोर्ट कैथल में है।
  12. सरस्वती वन्य जीव अभयारण्य (1988) कैथल में है। यह हिरणों के लिए प्रसिद्ध है, इसे सोनसर जंगल भी कहते हैं।
  13. बाबा साहब लाल की मजार कैथल में है।
  14. बालू का टिब्बा कैथल में स्थित है।

प्रसिद्ध मेले

  1. वामन द्वादशी का मेला
  2. देहाती मेला (लदाना मेला)
  3. फल्गु का मेला – फरल गाँव, कैथल
  4. पुंडरीक का मेला – कैथल

प्रमुख शिक्षण संस्थान

  1. राधाकृष्ण सनातन धर्म कॉलेज – यह कैथल का सबसे पुराना कॉलेज है। 1954 में स्थापना हुई।
  2. इंदिरा गांधी महिला महाविद्यालय – इसकी स्थापना 1970 में हुई।
  3. नीलम यूनिवर्सिटी – कैथल।
  4. हरियाणा का पहला पशु विज्ञान केन्द्र हरियाणा में है।

नदियाँ

  • सरस्वती व घग्घर

प्रसिद्ध व्यक्तित्व

  • ममता सोढ़ा – पर्वतारोही
  • मधु शर्मा – गायिका

महत्वपूर्ण बिंदु

  1. इंदौर स्टेडियम, महाराजा सूरजमल जाट स्टेडियम कैथल में स्थित है।
  2. कैथल के लोगों ने 1857 में स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई।
  3. गुलाब फूल का उत्पादन सर्वाधिक कैथल में होता है।
  4. वृद्ध केदार झील कैथल में है।
  5. पुराणों के अनुसार कैथल की स्थापना युधिष्ठिर ने की थी।
  6. हरियाणा का कैथल जिला ऐसा है, जहाँ पर गुरु ग्रंथ साहिब और रामायण एक साथ पढे़ जाते हैं।

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